बिलासपुर के विकास के लिए अब चुप नहीं बैठेंगे, जरूरत पड़ी तो हक की लड़ाई सड़क पर लड़ेंगे”“हमर पहुना” में

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“उद्योगपति एवं समाजसेवी प्रवीण झा ने साझा किया संघर्ष से सफलता तक का सफर; एयरपोर्ट, उद्योग और रोजगार को बताया प्राथमिकताबिलासपुर। बिलासपुर प्रेस क्लब के परंपरागत एवं प्रतिष्ठित कार्यक्रम “हमर पहुना” में सोमवार को उद्योगपति एवं समाजसेवी प्रवीण झा अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने पत्रकारों से।

संवाद करते हुए अपने जीवन संघर्ष, उद्योग, समाजसेवा, धर्म, युवाओं और बिलासपुर के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी।कार्यक्रम की शुरुआत अतिथि के स्वागत एवं सम्मान के साथ हुई। निर्धारित

समय से कुछ विलंब से पहुंचने पर प्रवीण झा ने पत्रकार साथियों से क्षमा मांगी। उन्होंने बताया कि सावन के अंतिम सोमवार के अवसर पर घर में रुद्राभिषेक चल रहा था, जिसके कारण विलंब हुआ।गांव में अभाव से शुरू हुआ जीवनअपने जीवन संघर्ष को याद करते हुए प्रवीण झा ने कहा कि उनका बचपन बिहार के एक छोटे से गांव में आर्थिक अभाव के बीच बीता। किताबें और कपड़े तक मांगकर इस्तेमाल करने पड़ते थे। दसवीं के बाद शहर आने पर पहली बार बिजली देखी। स्कूल जाने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था और

बरसात में नदी-नाले पार करके पढ़ाई के लिए जाना पड़ता था।उन्होंने कहा कि संघर्ष हर सफल व्यक्ति के जीवन का हिस्सा होता है। ईश्वर पहले परीक्षा लेता है और जो उस परीक्षा में सफल होता है, उसे आगे बढ़ने का अवसर मिलता है।एक हजार रुपये वेतन से शुरू किया सफरप्रवीण झा ने बताया कि वर्ष 1993 में वे छत्तीसगढ़ आए और जिंदल स्टील्स में करीब एक हजार रुपये मासिक वेतन पर नौकरी शुरू की। बिलासपुर आने के समय उनके पास साइकिल तक नहीं थी। रेलवे स्टेशन से चार रुपये प्रतिदिन किराए पर साइकिल लेकर वे शहर में अपना काम करते थे।उन्होंने कहा कि नौकरी के शुरुआती दौर में ही उन्होंने तय कर लिया था कि लंबे समय तक नौकरी नहीं करेंगे, बल्कि ऐसा काम करेंगे जिससे दूसरे लोगों को रोजगार मिल सके। इसके बाद उद्योग के क्षेत्र में कदम रखा और धीरे-धीरे आगे बढ़ते गए।उद्योग के साथ गांव और पर्यावरण की चिंता जरूरीउद्योगों से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि किसी भी उद्योग की स्थापना केवल मुनाफे के लिए नहीं होनी चाहिए। जिस गांव में उद्योग स्थापित होता है, वहां के लोगों, उनके स्वास्थ्य और पर्यावरण की जिम्मेदारी भी उद्योग संचालक की होती है।उन्होंने कहा कि उद्योग ऐसा होना चाहिए जिससे रोजगार के अवसर पैदा हों और पर्यावरण भी सुरक्षित रहे। स्थानीय लोगों का विश्वास और सहयोग उद्योग के लिए बेहद जरूरी है।एयरपोर्ट को बताया बिलासपुर के विकास की पहली प्राथमिकताबिलासपुर के विकास को लेकर अपने विजन पर प्रवीण झा ने कहा कि शहर के विकास के लिए सबसे पहली प्राथमिकता एयरपोर्ट की सुविधा और उसका विस्तार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से विकास होगा।उन्होंने कहा कि बिलासपुर में विकास हुआ है, लेकिन रायपुर की तुलना में विकास की गति अपेक्षित नहीं रही। वर्तमान समय में बिलासपुर के पास विकास का बड़ा अवसर है और यदि अब भी शहर के लोग चुप रहे तो आने वाले वर्षों में अपेक्षित बदलाव मुश्किल होगा।“बिलासपुर शांत है, कमजोर नहीं”बिलासपुर के विकास में कमी के कारणों पर उन्होंने कहा कि इसका एक कारण जनता का शांत स्वभाव भी है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर के लोग मिल-जुलकर रहने वाले और शांतिप्रिय हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि वे अपने अधिकारों के लिए आवाज नहीं उठा सकते।उन्होंने कहा, “अब वह दिन दूर नहीं जब हम अपने हक की लड़ाई के लिए सड़क पर आएंगे। चाहे किसी भी सरकार की बात हो, हम अपना हक लेकर रहेंगे।”समाज से लिया है तो समाज को देना भी होगासमाजसेवा को लेकर प्रवीण झा ने कहा कि मनुष्य समाज से बहुत कुछ लेता है, इसलिए समाज के प्रति उसका दायित्व भी बनता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने शहर और समाज से बहुत कुछ पाया है और अब समाज के लिए काम करना अपना कर्तव्य मानते हैं।उन्होंने युवाओं को धर्म, संस्कार और समाज से जोड़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि केवल पर्व-त्योहारों और रैलियों तक धर्म को सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि वर्ष के 365 दिन अपने संस्कार और धर्म से जुड़े रहना चाहिए।युवाओं से बोले—व्यवसाय छोटा-बड़ा नहीं होतायुवाओं को संदेश देते हुए प्रवीण झा ने कहा कि आज बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर, अधिकारी बनने की बात करते हैं, लेकिन बहुत कम युवा व्यवसायी बनने की इच्छा जताते हैं। उन्होंने कहा कि देश के आर्थिक विकास में उद्योग और व्यवसाय की महत्वपूर्ण भूमिका है।उन्होंने युवाओं से धैर्य रखने और मेहनत के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कोई व्यवसाय छोटा या बड़ा नहीं होता। पान ठेला लगाने वाला भी व्यवसाय कर रहा है और उद्योग चलाने वाला भी। सफलता के लिए लगन और धैर्य जरूरी है।रामलला दर्शन यात्रा जारी रहेगीप्रवीण झा ने बताया कि वे प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में लोगों के साथ रामलला के दर्शन के लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह यात्रा आगे भी जारी रहेगी। पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने अगले वर्ष प्रेस क्लब के पत्रकार साथियों को भी रामलला दर्शन के लिए ले जाने का आश्वासन दिया।“अच्छा काम करते रहिए, आलोचना की चिंता मत कीजिए”आलोचनाओं के सवाल पर उन्होंने कहा कि लोगों का काम बोलना है, लेकिन व्यक्ति को अपने कर्तव्य से नहीं भटकना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति अच्छा काम करता रहेगा तो आलोचना करने वाले लोग भी एक दिन उसके अच्छे काम को स्वीकार करेंगे।जरूरत पड़ी तो राजनीति में आने से भी पीछे नहीं हटेंगेराजनीति में आने के सवाल पर प्रवीण झा ने कहा कि फिलहाल राजनीति उनका विषय नहीं है। लेकिन यदि बिलासपुर के विकास की उनकी कल्पना पूरी नहीं होती और शहर के हित में उन्हें लगता है कि राजनीति के माध्यम से काम करना जरूरी है, तो वे भविष्य में राजनीति में आने से पीछे नहीं हटेंगे।ऑपरेशन त्रिमित्र जल्द अगले चरण मेंशहर की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन त्रिमित्र के संबंध में उन्होंने बताया कि योजना काफी आगे बढ़ चुकी है और आगामी महीने टेंडर की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि शहर में आधुनिक सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है।कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों ने प्रवीण झा से बिलासपुर के विकास, उद्योग, रोजगार, समाजसेवा, धर्म, युवाओं और उनके व्यक्तिगत जीवन से जुड़े विभिन्न सवाल किए, जिनका उन्होंने बेबाकी से जवाब दिया।अंत में बिलासपुर प्रेस क्लब परिवार की ओर से प्रवीण झा का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम ने उद्योग जगत और पत्रकारिता के बीच संवाद का एक सार्थक मंच प्रस्तुत किया।

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