जनता पार्टी नेतृत्व विवाद पर विराम, न्यायालय ने जयप्रकाश बंधु को वैध अध्यक्ष माना

कई वर्षों से चल रहा जनता पार्टी का आंतरिक नेतृत्व विवाद अब समाप्ति की ओर पहुंच…

:ब्रह्माकुमारी, ओम शांति सरोवर, उसलापुर के प्रागंण पर “बाल व्यक्तित्व विकास शिविर” समर कैंप का दूसरा…

मान्यवर कृपया उचित स्थान प्रदान करें🌴💐🙏3 मई विश्व हास्य दिवस पर विशाल आयोजन – कलेक्टर संजय…

छत्तीसगढ़ी फ़िल्म “मोला लव होगे” 8 मई को रिलीज, आयुष–तिरांजलि की नई रोमांटिक जोड़ी पर टिकी उम्मीदें

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ी फ़िल्म “मोला लव होगे” के प्रमोशन को लेकर आयोजित प्रेसवार्ता में फिल्म की पूरी…

जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 🎉झूलेलाल सेवा समिति शहडोल के सम्माननीय सेवादारी एवं वरिष्ठ पत्रकारश्री चंदन दास…

*एक्यूपंक्चर: प्राचीन चिकित्सा पद्धति, आधुनिक जीवन के लिए प्रभावी समाधान*आज के तेज़ रफ्तार और तनावपूर्ण जीवन में लोग प्राकृतिक और सुरक्षित उपचार की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं, और ऐसी ही एक प्रभावशाली पद्धति है एक्यूपंक्चर, जो हजारों वर्षों पुरानी होने के बावजूद आज आधुनिक चिकित्सा में अपनी खास पहचान बना चुकी है। एक्यूपंक्चर एक पारंपरिक चिकित्सा तकनीक है जिसमें शरीर के विशेष बिंदुओं पर अत्यंत महीन और स्टेराइल सुइयों का उपयोग किया जाता है। ये बिंदु शरीर की ऊर्जा धाराओं, जिन्हें मेरिडियन कहा जाता है, से जुड़े होते हैं और ऊर्जा (Qi) के संतुलन को बनाए रखने में मदद करते हैं। आधुनिक विज्ञान के अनुसार, यह तकनीक नर्वस सिस्टम को सक्रिय कर एंडॉर्फिन जैसे प्राकृतिक दर्द निवारक तत्वों का स्राव बढ़ाती है, रक्त संचार को सुधारती है, सूजन कम करती है और हार्मोन संतुलन में सहायक होती है।एक्यूपंक्चर के कई महत्वपूर्ण लाभ हैं—यह कमर दर्द, सर्वाइकल, माइग्रेन, घुटनों के दर्द और सायटिका जैसी समस्याओं में राहत प्रदान करता है, साथ ही तनाव और चिंता को कम कर मानसिक शांति और बेहतर नींद में मदद करता है। महिलाओं के स्वास्थ्य में भी यह अत्यंत उपयोगी है, विशेष रूप से PCOS, अनियमित मासिक धर्म और बांझपन जैसी स्थितियों में। इसके अलावा यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और शरीर के समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है क्योंकि यह केवल लक्षणों पर नहीं बल्कि बीमारी के मूल कारण पर कार्य करता है। प्रशिक्षित विशेषज्ञ द्वारा किया गया एक्यूपंक्चर पूरी तरह सुरक्षित होता है और इसमें किसी प्रकार के गंभीर दुष्प्रभाव नहीं होते।बिलासपुर में NaturaInland Acupuncture, Ozone Therapy, Yoga and Naturopathy Centre एक विश्वसनीय केंद्र के रूप में जाना जाता है, जहां डॉ. अर्चना अग्रवाल द्वारा एक्यूपंक्चर, ओज़ोन थेरेपी, योग और प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से रोगियों का समग्र और प्रभावी उपचार किया जाता है। यह केंद्र In front of Ram Mandir, Tilak Nagar, Bilaspur (C.G.) में स्थित है और प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से स्वस्थ जीवन की दिशा में लोगों को प्रेरित कर रहा है। कुल मिलाकर, एक्यूपंक्चर एक सुरक्षित, प्रभावी और प्राकृतिक उपचार पद्धति है, जो शरीर, मन और आत्मा के संतुलन को स्थापित कर बेहतर जीवन की ओर मार्गदर्शन करती है।

रेसलिंग सोसाइटी के अध्यक्ष शैलेश दीक्षित व कार्यकारी अध्यक्ष रियाज़ खान बनेपलिंग रेसलिंग सोसाइटी ऑफ छत्तीसगढ़…

बिलियन डॉलर का संभावित ई-कॉमर्स छोटे व्यापारियों के विनाश का कारण बन सकता है :

बिलासपुर :- कैट ने गोयल से मजबूत बिलियन डॉलर का संभावित ई-कॉमर्स छोटे व्यापारियों के विनाश…

प्रे.वि. क्र./14/04/2026-27दिनांक: 28.04.2026 भारत का 250 बिलियन डॉलर का संभावित ई-कॉमर्स छोटे व्यापारियों के विनाश का कारण बन सकता है : कैट ने गोयल से मजबूत राष्ट्रीय ई-कॉमर्स नीति का आग्रह किया2030 तक 22 करोड़ नए जेन-ज़ी खरीदार, 45% ऑनलाइन खर्च भारतीय व्यापार की सकारात्मक वृद्धि में दे सकते हैं योगदानदेश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जितेंद्र गांधी , राष्ट्रीय सचिव राजू सलूजा, बिलासपुर जिला अध्यक्ष हीरानंद जयसिंह कोषाध्यक्ष आशीष अग्रवाल , कार्यकारी अध्यक्ष दिलीप खेंडेलवाल,सुरेंद्र सिंह अजमानी, संजय मित्तल, महामंत्री परमजीत उबेजा , अनिल राघवानी , प्रमोद वर्मा, प्रवीण सलूजा , सुनील रॉय , अनिल गुप्ता, सज्जन अग्रवाल, विष्णु गुप्ता, अरविंद वर्मा, विदित मंडल राजेश सैनी, चंदन कनोडिया ने संयुक्त रूप से बताया कि कैट ने आज सरकार से आग्रह किया है कि देश के करोड़ों छोटे व्यापारियों, पड़ोस की दुकानों तथा खुदरा व्यापार पर निर्भर करोड़ों कर्मचारियों की आजीविका की सुरक्षा हेतु तत्काल एक मजबूत और प्रभावी राष्ट्रीय ई-कॉमर्स नीति लागू की जाए।बिलासपुर अध्यक्ष हीरानंद जयसिंह ने बताया कि केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को भेजे गए एक पत्र में कैट ने डेलॉइट और गूगल की संयुक्त रिपोर्ट “द $250 बिलियन कॉमर्स फ्रंटियर” का उल्लेख करते हुए कहा कि यह रिपोर्ट भारत के डिजिटल कॉमर्स बाजार के बड़े विस्तार को दर्शाती है, लेकिन साथ ही निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए नीतिगत सुरक्षा उपायों की तत्काल आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।रिपोर्ट के अनुसार भारत का ई-कॉमर्स बाजार वर्ष 2019 से 2025 के बीच लगभग 90 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है और वर्ष 2030 तक इसके 250 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2030 तक: 22 करोड़ नए जेन-ज़ी खरीदार ऑनलाइन बाजार से जुड़ेंगे, जेन-ज़ी उपभोक्ता कुल ऑनलाइन खर्च का 45 प्रतिशत हिस्सा होंगे, 15 करोड़ नए खरीदार ऑनलाइन आएंगे, प्रति व्यक्ति ई-कॉमर्स खर्च दोगुना होने की संभावना है, टियर-2 शहरों और छोटे नगरों का हिस्सा पहले ही 60 प्रतिशत से अधिक ऑनलाइन खरीदारों, लगभग आधे कुल खर्च और कुल ऑर्डरों के तीन-पांचवें हिस्से तक पहुंच चुका है।हीरानंद जयसिंह और राजू सलूजा ने कहा कि ये आंकड़े भारत के डिजिटल बाजार की विशाल संभावनाओं को दर्शाते हैं, लेकिन यदि इसे बिना नियमन के छोड़ दिया गया तो यही वृद्धि देश की पारंपरिक खुदरा व्यापार व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है, जो आज भी स्वरोजगार और रोजगार का सबसे बड़ा स्रोत है।अध्यक्ष हीरानंद जयसिंह,कोषाध्यक्ष आशीष अग्रवाल और महामंत्री परमजीत उबेजा ने बताया कि कैट ने आरोप लगाया है कि बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियां परोक्ष इन्वेंट्री स्वामित्व, पसंदीदा विक्रेता व्यवस्था, निजी ब्रांड और भ्रामक कारोबारी ढांचे के माध्यम से भारत की एफडीआई नीति की भावना का लगातार उल्लंघन कर रही हैं। जिसे मार्केटप्लेस मॉडल की अनुमति दी गई थी, वह अब इन्वेंट्री नियंत्रित मॉडल में बदलता जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रिडेटरी प्राइसिंग, कैश बर्निंग के जरिए भारी छूट, डार्क स्टोर्स, डार्क पैटर्न्स, पक्षपातपूर्ण लिस्टिंग और घटिया सामान की बिक्री जैसी प्रवृत्तियां आम हो गई हैं।उन्होंने कहा कि ये तरीके न केवल प्रतिस्पर्धा विरोधी हैं, बल्कि उन लाखों ईमानदार व्यापारियों को समाप्त कर रहे हैं जिन्होंने विश्वास और सेवा के आधार पर भारत के घरेलू बाजार का निर्माण किया है।कैट ने कहा कि भारत के छोटे खुदरा व्यापारी, किराना स्टोर, थोक व्यापारी, वितरक, परिवहनकर्ता और संबंधित क्षेत्र शहरी तथा ग्रामीण भारत में करोड़ों परिवारों का सहारा हैं। इस व्यवस्था को कमजोर करने के गंभीर आर्थिक और सामाजिक परिणाम होंगे।उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार आत्मनिर्भर भारत, स्थानीय उद्यमिता और मजबूत घरेलू बाजार की बात करते रहे हैं। विदेशी पूंजी से संचालित ई-कॉमर्स कंपनियों को बाजार विकृत करने और स्थानीय व्यापार को कमजोर करने देना इस राष्ट्रीय दृष्टि के विपरीत है।बिलासपुर अध्यक्ष हीरानंद जयसिंह, कोषाध्यक्ष आशीष अग्रवाल ,महामंत्री परमजीत उबेजा , अनिल राघवानी, युवा कैट अध्यक्ष नमित सलूजा व कैट टिम ने सरकार से आग्रह किया है कि तत्काल एक व्यापक राष्ट्रीय ई-कॉमर्स नीति लागू की जाए, जिसमें एफडीआई नियमों का सख्त पालन, प्रिडेटरी प्राइसिंग पर रोक, डार्क स्टोर्स का नियमन, एल्गोरिद्म एवं विक्रेता रैंकिंग में पारदर्शिता, डार्क पैटर्न्स से सुरक्षा, नकली एवं घटिया सामान पर जवाबदेही, एमएसएमई एवं छोटे व्यापारियों के लिए समान अवसर, डाटा सुरक्षा तथा व्यापारियों एवं उपभोक्ताओं के लिए समर्पित शिकायत निवारण तंत्र शामिल हो।कैट ने कहा कि भारत तकनीक और नवाचार का स्वागत करता है, लेकिन डिजिटल विकास निष्पक्ष, पारदर्शी और समावेशी होना चाहिए। ई-कॉमर्स को भारत के खुदरा व्यापार का पूरक बनना चाहिए, उसका विनाशक नहीं। भारतीय व्यापार का भविष्य छोटे व्यवसायों की भागीदारी से बनेगा, उनके विस्थापन से नहीं।धन्यवादहीरानंद जयसिंह अध्यक्ष मो.: 9827108951

ई रिक्शा ऑटो चालकों के समर्थन में पहुंचे कांग्रेस नेता, पुलिस अधीक्षक से भेंट कर सौपा ज्ञापन पुलिस अधीक्षक ने ऑटो चालकों के मांग को माना, बिलासपुर महानगर में लगभग 10, 000 से ज्यादा ई रिक्शा ऑटो हैं, यातायात विभाग बिलासपुर के द्वारा इन्हें दिनांक 25 अप्रैल तक ड्रेस कोड का पालन करने लाइसेंस बनवाने के लिए चेतावनी दिया गया था और करवाई किया जा रहा था, इन चालकों के संघ ने जिला सहित प्रदेश के लोकप्रिय कांग्रेस नेता श्री त्रिलोकचंद श्रीवास राष्ट्रीय समन्वयक – अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी से संपर्क कर उन्हें परेशानी बताया कि ऑटो चालकों में 90 फ़ीसदी लोग गरीब परिवार से आते हैं और दो-तीन दिन के अंदर,, ड्रेस और लाइसेंस बनवाने के लिए आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा, यदि जिला प्रशासन 10 दिवस का समय और नेता तो उनकी समस्या का हल हो जाता, इस विषय पर तत्परता दिखाते हुए कांग्रेस नेता श्री त्रिलोक श्रीवास ने जिले के वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्री प्रमोद नायक, प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता श्री अभय नारायण राय, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्री राजेंद्र शुक्ल के साथ ऑटो संघ के पदाधिकारी के साथ प्रतिनिधि मंडल के रूप में जिले के पुलिस अधीक्षक से भेंट किया, एवं कांग्रेस नेताओं ने पुलिस अधीक्षक से मांग किया कि पुलिस प्रशासन के द्वारा इन्हें 10 दिवस का समय ड्रेस कोड और लाइसेंस के लिए दिया जाए, साथ ही साथ कांग्रेस नेताओ ने यह भी मांग किया कि जो नाबालिक ई रिक्शा ऑटो या अन्य ऑटो चला रहे हैं, उसे पर जिला प्रशासन कार्रवाई करें, और जो भी ऑटो चालक कहीं पर भी गाड़ी खड़ा कर देते हैं और नशापन करके गाड़ी चलाते हैं उन पर भी करवाई किया जाए,, जिस पर पुलिस अधीक्षक श्री रजनीश सिंह ने, सहमति जताते हुए और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए ई रिक्शा ऑटो चालकों को दिनांक 5 मई तक का समय ड्रेस कोड और लाइसेंस बनवाने के लिए दिया है, साथ ही पुलिस अधीक्षक श्री रजनैश सिंह ने ऑटो चालकों का एक बड़ा बैठक कार्यशाला आयोजित करने के भी बात कही जिस शहर की यातायात व्यवस्था दुरुस्त हो सके और दुर्घटना में कमी आ सके, इस अवसर पर प्रमुख रूप से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्री त्रिलोक चंद्र श्रीवास, श्री प्रमोद नायक, श्री अभय नारायण राय, श्री राजेंद्र शुक्ला, संघ के अध्यक्ष श्री संजय खुरसायल, दुर्गा साहू, रफीक खान राजा श्रीवास, नायडू भाई सहित सैकड़ों की संख्या में ई रिक्शा ऑटो चालक संघ से जुड़े लोग उपस्थित थे, ऑटो चालक संघ के सदस्यों ने इस गंभीर विषय में सहयोग करने हेतु कांग्रेस नेताओं एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का आभार व्यक्त किया ll