ब्रह्माकुमारी केंद्र उसलापुर  कें द्वारा किया गया वरिष्ठ नागरिको  बृजुगो का सम्मान

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बिलासपुर उसलापुर/प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, ओम शांति सरोवर, उसलापुर के प्रांगण में वरिष्ठ, बुजुर्ग नागरिकों के सम्मान को बढ़ाने के लिए भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिकता मंत्रालय और ब्रह्माकुमारीज के समाज सेवा प्रभाग( RERF) के मध्य हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के अंतर्गत एक राष्ट्रीय अभियान  “संगम गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्माननीय जीवन” विषय पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि माननीय श्रीमती पूजा विधानी जी (जिला महापौर बिलासपुर) ने इस विषय पर कहां कि यह बहुत प्रेरणादायक कार्यक्रम है बुजुर्गों का सम्मान करना। बुजुर्ग अपने अनुभव से भरपूर होते हैं और आजकल के युवा कंप्यूटर मोबाइल आदि से नॉलेजफुल हो गए हैं तो आप उनके बीच अपने आप को छोटा ना समझे। ये जेनरेशन गैप तो हमेशा से रही है पर आवश्यकता है इसके बीच सामंजस्य स्थापन करने की। यह बहुत पीड़ा दायक बात है कि आज कल के युवा अपने सास ससुर मां, बाप या बुजुर्गों के दर्द को नहीं समझ पाते। जबकि वे बच्चो के दर्द को सहज समझ जाते है। वृद्धाश्रम बनाने की आवश्यकता तो नहीं होनी चाहिए है परंतु आज इसकी आवश्यकता पड़ रही है क्योंकि आज की युवा पीढ़ी उन्हे वो सम्मान नहीं दे रही उनके प्रति अपने कर्तव्यों को  निवाहन न कर उन्हें बोझ समझती। जबकि वृद्धावस्था से उन्हें भी गुजरना है अपने कर्म फिर परिणाम के रूप में आते है इस लिए हमें उनका सम्मान व ख्याल रखना है। आगे उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम से लोगों को प्रेरणा प्राप्त होगी। ब्रह्माकुमारी के द्वारा वृद्धजनों के सशक्तिकरण एवं उनके गौरवपूर्ण सम्मान को वापस लाने के लिए यह बहुत ही सराहनीय कार्य किया जा रहा है।


कार्यक्रम की मुख्यवक्ता ब्रह्माकुमारी छाया दीदी ने संगम गौरवपूर्ण वृद्धावस्था पर कहा कि बच्चे और वृद्ध की स्थिति समान हो जाती। जिस प्रकार बच्चे को देख रख की आवश्यकता होती वैसे ही बुजुर्गों की भी केयर की आवश्यकता होती है। केयर केवल मकान देना, भोजन देना, मेडिकल चेकअप कराना, आवश्यक चीजें देना ही नहीं है बल्कि उन्हें आपके प्यार, सहयोग, भावात्मक सहारे की और समय की आवश्यकता होती है । आप उनके साथ कुछ समय निकाल बैठे बाते करे उनकी सुने उनके अनुभवों का लाभ ले। कई बार वे एक ही बात रिपीट करते या हमे रोकते टोकते है तो हम उन पर चिड़चिड़ा कर रफ जवाब देते। उनके पास अपने पुराने अच्छे बुरे अनुभव होते जिस आधार पर वो अपनी बातें रिपीट करते रहते है। जबकि वृद्धावस्था में व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर हो जाता है। इस समय हम उनका सहारा बने उन्हें एक्सेप्ट करे, उन्हें रिस्पेक्ट रिगार्ड दे। हमारे बड़े बुजुर्गों की दुआएं हमारी रक्षा करती, आगे बढ़ाती और हम जीवन में उन्नति को पाते है। उनकी छत्रछाया में परिवार में, बच्चों में अच्छे संस्कार डलते है। आगे उन्होंने कहा कि आप कभी न सोचे कि अब हम किसी काम के नहीं रहे। शरीर बच्चा बूढ़ा होता है पर आध्यात्मिकता ज्ञान से यह समझ लेते की हम एक आत्मा है न कि शरीर। और आत्मा में अनंत ऊर्जा है और वह शाश्वत है। यह आत्मज्ञान आपको सदा ऊर्जावान बना कर रखता है। वृद्धावस्था में आनंद पाने के लिए मन को ईश्वर से जोड़े और राजयोग मेडिटेशन द्वारा परमपिता परमात्मा के संग से परमानंद का अनुभव अर्जित करे और उसे बांटे। संस्था के स्थापक परम पूज्य ब्रह्मा बाबा ने 60 वर्ष की आयु में उन्हे  परमात्मा की और उनके दिव्य ज्ञान प्राप्ति हुई और अपने त्याग तपस्या सेवा से 93 साल की उमर तक स्वपरिवर्तन से विश्व परिवर्तन का कार्य अथक हो कर किया।
एवं विशिष्ट अतिथि माननीय श्रीमती निधि मांडवी जी (जिला  जेल अधीक्षक) जी ने कहा कि मैं आज इस कार्यक्रम से बेड़े बुजुर्गों के प्रति आदर सम्मान करने की विशेष प्रेरणा ले कर जा रही हु। अब से उनकी बातों को शांति से सुन स्वीकार करूंगी। रिएक्ट नहीं करूंगी। हमारे बुजुर्गों ने जो हमे अच्छे संस्कार दिए है वहीं मैं अपने बच्चे को भी दे रही हु।
कु. शिल्पा बहन (Angel) (Bollywood actor से ब्रह्मकुमारीज में गोडलीवुड एक्टर माउंट आबू राज.), ने कहा कि यहां तो मुझे कोई बुजुर्ग नहीं नजर आ रहा है। मैने 20 साल के बूढ़े और 80 साल के जवान को देखा है। अगर किसी 20 साल के व्यक्ति में उमंग उत्साह की कमी हो, खुशी नहीं, जीवन में कुछ करने का लक्ष्य नहीं, निराशा से भरा हो, तनावग्रस्त लाचार हो, आगे बढ़ने की चाह नहीं, आलस्य का गुलाम हो तो उसे युवा नहीं बुजुर्ग ही कहेंगे। आज का युवा शारीरिक और मानसिक रूप से ज्यादा कमजोर हो रहा है। जबकि हमारे बुजुर्ग सुबह से जल्दी उठ कर स्नान कर योग करते, कई सेवा कार्य करते तो ऐसे बुजुर्ग युवा देखे है। तो अपने उमंग उत्साह को खुशी को कभी कम नहीं होने दे। आप अभी भी सब कर सकते है। ताकत शरीर की नहीं तो आत्मा की ताकत तो है उसे जाने और पहचाने। माननीय बहन रेखा आहूजा जी (समाज सेवक) ने कहा की बुजुर्गों की सेवा करने से मुझे बड़ी खुशी मिलती है। मैं वृद्ध आश्रमों में जा कर भी इनकी सेवा करने का अवसर लेती हु। ईश्वर कब किसी के साथ ऐसा न हो जो उन्हें वृद्धा आश्रम में रहना पड़े। मैने वृद्धा आश्रमों में उनकी दयनीय हालत देखी है। हमे ऐसे वृद्धा आश्रमों के लिए कुछ करते रहना चाहिए।  घर में ही अपने बड़े बुजुर्गों का सम्मान करे उन्हें प्यार और सहयोग दे उनकी सेवा करे इसे आपके पुण्य जमा होगे। अन्य सभी ने भी ऐसा कार्यक्रम की सराह की।
कार्यक्रम की शुरुआत दीपप्रज्वलन से की गई जिसमें माननीय मुख्य अतिथि पूजा विधानी जी (महापौर बिलासपुर), बी के छाया दीदी, माननीय गायत्री साहू जी (जिला महिला महामंत्री), श्री मति निधि मांडवी जी ( जिला पुलिस अधीक्षक ),माननीय भ्राता आजूराम ध्रुव जी (वरिष्ठ दादा), भ्राता पी एन खत्री जी ( रिटायर रेलवे जोन चीफ इंजीनियर), माननीय भ्राता विष्णु अग्रवाल जी, भ्राता नरेश भाई जी , कु. शिल्पा बहन (बॉलीवुड एक्टर्स) आदि गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में किया गया.
रूबी बहन जी ने इस कार्यक्रम में बहुत ही सुंदर प्रेरक कविता प्रस्तुत की। जिसके बोल है ” आशीष का अंसार आप है, अनुभवों का भंडार आप है…”
ड्रामा “वृद्धाश्रम का दृश्य” की प्रस्तुति आकाश पटवा, प्रीति ध्रुव, बी के शिवानी, बी के मधु के द्वारा दिया गया।
अंत में सभी स्थित बुजुर्ग माताओं और दादाओं को माननीय पूजा विधानी एवं छाया दीदी के द्वारा तिलक फूलों की माला श्रीफल और पटकूं दे कर उनका हृदय के साथ सम्मान किया गया। कार्यक्रम के अंत में राजयोग मेडिटेशन के द्वारा सभी को शांति का अनुभव कराया गया।

ईश्वरीय सेवा में
बी के छाया बहन
ब्रह्मकुमारीज
ओम शांति सरोवर
उसलापुर बिलासपुर छ ग़
मो. न. 9009852538

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