सिर्फ मेला नहीं, सामाजिक सरोकारों का उत्सव है BNI बिलासपुर व्यापार एवं उद्योग मेलाव्यापार, नवाचार, सेवा और संवेदनाओं का अद्भुत संगम बना “ बिलासपुर मेला”

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बिलासपुर :- BNI बिलासपुर द्वारा आयोजित व्यापार एवं उद्योग मेला 2026 इस वर्ष केवल खरीद–फरोख्त का मंच नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना, नवाचार और जनभागीदारी का जीवंत महोत्सव बनकर उभरा है। डॉ. किरण पाल सिंह चावला के नेतृत्व में आयोजित इस मेले ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि व्यापार के साथ समाज के प्रति उत्तरदायित्व भी उतना ही आवश्यक है।
मेले के पहले दिन देहदान करने वाले दिवंगत जनों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई, वहीं दूसरे दिन 50 वर्ष से अधिक वैवाहिक जीवन पूर्ण कर चुके गोल्डन कपल्स को सम्मानित कर पारिवारिक मूल्यों का उत्सव मनाया गया। इसके साथ ही प्रतिदिन किसी न किसी सामाजिक उद्देश्य को समर्पित कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य, सेवा और पर्यावरण के लिए ठोस पहल
मेले के दौरान लगातार 6 दिनों तक राष्ट्रीय स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान शिविर और CPR प्रशिक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय पहल करते हुए 25,000 कपड़े की थैलियां निःशुल्क वितरित की गईं। आयोजकों को उम्मीद है कि बढ़ते जनसमर्थन को देखते हुए अगले वर्ष यह संख्या 50,000 तक पहुंचेगी, जिससे प्लास्टिक बैग के उपयोग में उल्लेखनीय कमी आएगी।


300 से अधिक स्टॉल, देशभर के व्यापारी
29 जनवरी से 3 फरवरी तक आयोजित इस मेले में 300 से अधिक स्टॉल लगे हैं। जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, गुवाहाटी सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए व्यापारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
मेले की खास बात यह है कि छत्तीसगढ़ के स्थानीय कारीगरों को भी सशक्त मंच मिला है—चाहे वह भगवान के लिए वस्त्र तैयार करने वाला छोटा कारीगर ही क्यों न हो। यह स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहित करने का जीवंत उदाहरण है।
हर उम्र के लिए कुछ खास
मेले में बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग-अलग दिन और कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं।
रविवार को आयोजित इंटर स्कूल डांस प्रतियोगिता में बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
आगामी दिनों में
शार्क टैंक (युवाओं को स्टार्टअप आइडिया प्रस्तुत कर निवेश पाने का अवसर),
राइजिंग वॉयस ऑफ बिलासपुर (जूनियर व सीनियर वर्ग),


रोजगार मेला,
फाइनेंस एग्जीबिशन
जैसे नवाचार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
डिजिटल वेलनेस और राजयोग का संदेश
मेले में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, राजयोग भवन द्वारा लगाए गए स्टॉल में डिजिटल वेलनेस और मेडिटेशन के माध्यम से एकाग्रता, स्मरण शक्ति और इच्छाशक्ति बढ़ाने का संदेश दिया जा रहा है।
राजयोग शिक्षिकाओं ने बताया कि डिजिटल युग में तकनीक जरूरी है, लेकिन उसका संतुलित उपयोग और मन का रिफ्रेश भी उतना ही आवश्यक है।
दिव्यांग बच्चों की प्रेरक प्रस्तुति
इस अवसर पर जिला विशेष विद्यालय “शक्ति” बिरतपुर के लगभग 30 दिव्यांग बच्चों ने अपने शिक्षकों के साथ मेले में सहभागिता की और भावपूर्ण प्रस्तुतियों से सभी को भावविभोर कर दिया।
संस्था के अध्यक्ष जसबीर सिंह चावला ने बताया कि यह आवासीय विद्यालय पिछले 9 वर्षों से निःशुल्क संचालित हो रहा है, जहां 50 से अधिक बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने समाज से अपील की कि दिव्यांगता कमजोरी नहीं, बल्कि अद्भुत शक्ति है।


आयोजकों का संदेश
BNI बिलासपुर के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. किरण पाल सिंह चावला ने कहा—
“300 से अधिक सदस्यों के सहयोग से आयोजित यह मेला व्यापार, उद्योग, नवाचार, मनोरंजन और सामाजिक चेतना का संगम है। यदि आप अब तक नहीं आ पाए हैं, तो अभी —अवश्य पधारें।”
वहीं निहारिका त्रिपाठी (इंटीरियर डिज़ाइनर एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम संरक्षक) ने कहा—
“यह मेला व्यापार के साथ-साथ प्रतिभा, रचनात्मकता और नवाचार को भी उड़ान दे रहा है।”
बनी बिलासपुर व्यापार एवं उद्योग मेला
जहां मिलते हैं व्यापार के अवसर, मनोरंजन की रंगत और नवाचार की उड़ान — सच में बिलासपुर का अपना मेला

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