सिम्स के बायोकेमेस्ट्री विभाग में अत्याधुनिक मशीनें स्थापित, अब रिपोर्ट मिलेगी पूरी तरह कंप्यूटरीकृत

Spread the love


बिलासपुर
छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बायोकेमेस्ट्री विभाग को अत्याधुनिक मशीनों से व्यवस्थित किया गया है। अब यहां जांच रिपोर्ट पूरी तरह कंप्यूटरीकृत रूप में, प्राइवेट अस्पतालों की तर्ज पर, समय पर उपलब्ध कराई जाएगी। इससे मरीजों को बेहतर और त्वरित उपचार में सहायता मिलेगी।
सिम्स में अभी तक मैन्युअल रिपोर्ट कंप्यूटर से दर्ज कर दिया जाता था जिला कलेक्टर के प्रयास से कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (C.S.R )मद से दो अत्याधुनिक मशीन (1) फुल ऑटोमैटिक बायोकेमेस्ट्री एनालाईजार (2) हाई परफॉरमेंस लिक्विड क्रोमटोग्राफी एनालाईजर स्थापित किया गया है जिसकी लगात 60 लाख के आसपास है दोनों मशीन स्थापित होने से जांच रिपोर्ट समय पर और भी जल्दी दिया जा सकेगा
ज्ञात हो कि सिम्स में प्रतिदिन मरीजों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। औसतन लगभग 2000 ओपीडी मरीज तथा 800 आईपीडी मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। बायोकेमेस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष साहू ने बताया कि रक्त परीक्षण की मांग में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और मरीजों को सही समय पर सटीक रिपोर्ट देना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है, ताकि उन्हें उचित उपचार मिल सके। इसी उद्देश्य से विभाग में फुली ऑटो एनालाइजर मशीन सहित अन्य अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रतिदिन लगभग 400 मरीजों के रक्त के सैंपल जांच के लिए आते हैं, जिनसे करीब 3,500 विभिन्न प्रकार की जांच की जाती हैं। विगत वर्ष सिम्स का बायोकेमेस्ट्री विभाग पूरे संभाग में सबसे अधिक टेस्ट करने का रिकॉर्ड भी बना चुका है। अब नई रक्त परीक्षण रिपोर्ट में क्यूआर कोड एवं बारकोड की सुविधा भी रहेगी, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को रिपोर्ट संभालकर रखने की आवश्यकता नहीं होगी। वे कहीं भी और कभी भी अपने मोबाइल फोन के माध्यम से रिपोर्ट देख सकेंगे।
विभाग में सिकल सेल से संबंधित जांच भी नियमित रूप से की जा रही है, जिसमें प्रतिदिन लगभग 100 टेस्ट किए जाते हैं। पहले सिकल सेल की संख्यात्मक जांच के लिए अत्याधुनिक मशीन उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को निजी पैथोलॉजी लैब का सहारा लेना पड़ता था, लेकिन अब नई मशीन उपलब्ध होने से प्रतिदिन 40 से अधिक सिकल सेल मरीजों का रक्त परीक्षण सिम्स में ही किया जा रहा है।
सिम्स अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य मरीजों को बेहतर, सुलभ और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि अत्याधुनिक मशीनों की स्थापना से जांच की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार होगा तथा मरीजों को कम समय में सटीक रिपोर्ट मिल सकेगी, जिससे उपचार प्रक्रिया और अधिक प्रभावी होगी। यह कदम सिम्स को आधुनिक चिकित्सा सेवाओं की दिशा में और मजबूत बनाता है।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि सिम्स में अन्य संस्था के तर्ज पर आने वाले मरीजों को अत्याधुनिक जांच मशीनों के माध्यम से सही समय पर रिपोर्ट प्रदान करना पहली प्राथमिकता है ताकि मरीजों को समय पर सही रिपोर्ट उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। जांच प्रक्रिया को सरल, तेज और पूर्णतः कंप्यूटरीकृत बनाकर मरीजों को बेहतर सुविधा देना ही हमारा मुख्य उद्देश्य है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *