संस्कृति एवं साहित्य शोध साहित्य अधिवेशन में सुरेश सिंह बैस हिंदी साहित्य रत्न से विभूषित हुए

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बिलासपुर।मध्य प्रदेश के बालाघाट में आयोजित ‘सृजन महोत्सव 2026-स्पंदन’ में नगर के वरिष्ठ साहित्यकार एवं पत्रकार सुरेश सिंह बैस ‘शाश्वत’ ने अपनी लेखनी और प्रस्तुति से छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया। संस्कृति एवं साहित्य शोध समिति, मध्य प्रदेश द्वारा आयोजित इस चतुर्थ राष्ट्रीय साहित्यकार अधिवेशन में उन्हें ‘हिंदी साहित्य रत्न’ उपाधि से विभूषित किया गया।

“मैं हवंव बिलासा अरपा के बेटा” से गूंजा सदन

अधिवेशन के दौरान आयोजित ‘कवि समागम’ में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल सुरेश सिंह बैस ने अपनी प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी रचना “मैं बिलासा अरपा के बेटा हवंव बिलसपुरिहा” का सुमधुर वाचन किया। छत्तीसगढ़ी माटी की सुगंध से सराबोर इस काव्य पाठ को वहां उपस्थित देशभर के विद्वानों और दर्शकों ने खूब सराहा।
इस अवसर पर आयोजित विमर्श विषय भारतीय ज्ञान परम्परा और विश्वबोध पर चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त कृति अलंकरण अंतर्गत-कविता संग्रह एक नई सुबह का सूरज ,कवि गोविंद पाल भिलाई को स्व श्री भगवंत राव आड़े स्मृति काव्य कुमुदिनी अलंकरण, गोपाल देव नीरद के ग़ज़ल संग्रह – शतरंज के घोड़े को स्व चित्रसेन राणा जी स्मृति सफ़ीर- ए- ग़ज़ल अलंकरण, डॉ प्रदीप कुमार शर्मा रायपुर छ ग के बाल कहानी संग्रह संस्कारों की पाठ शाला ,डॉ. नीरज श्रीवास्तव अनूपपुर के प्रबन्ध काव्य -नर्मदा के मेघ को, स्व रामप्रसाद कसार ‘विशारद” स्मृति कबीर गौरव अलंकरण, अभिधा शर्मा भिलाई के उपन्यास ‘कैनवास पर बिखरे यादों के रंग” को स्व रुकमन बाई राणा स्मृति उपन्यास गौरव अलंकरण, प्रदान किया गया। स्व स्नेहलता जैन स्मृति “काव्य महारथी सम्मान-2026 भोपाल से पधारे डॉ शरद मिश्र को, तथा स्व श्रीमती फूलचंद भारती एवम रामवती जी भारती स्मृति साहित्य शिरोमणि सम्मान जबलपुर से पधारे डॉ कौशल दुबे जी को प्रदान किया गया।

समिति द्वारा आयोजित पत्रकारिता के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान हेतु कलम वीर सम्मान- 2026 – बालाघाट के वरिष्ठ पत्रकार सोहन वैद्य, अरविंद अग्निहोत्री को एवम श्रेष्ठ पत्रकारिता हेतु सुनील कोरे को प्रदान किया गया। साहित्य, शिक्षा एवम समाज सेवा के क्षेत्र में 25 वर्षों से विशेष योगदान हेतु- “आजीवन उपलब्धि सम्माम” लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड-2026, समिति के संस्थापक एवम महा सचिव अशोक सिहांसने “असीम” को साहित्य एवम समाज सेवा में विशिष्ठ सेवाओं हेतु प्रदान किया गया।इसके अतिरिक्त, दिल्ली, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान, एवम मध्यप्रदेश के विभिन्न स्थलों से पधारे साहित्यकारों को सम्मानित किया गया।साहित्यकार अधिवेशन के चतुर्थ व अंतिम सत्र में शाम 4.00 बजे से कवि समागम अंतर्गत राज्यों से पधारे एवं जिले के कवियों द्वारा सरस कविता पाठ किया गया। इस सत्र में विशिष्ट अतिथि के रूप में बिलासपुर से पधारे सुरेश सिंह बैस शाश्वत की उपस्थिति में कवि सम्मेलन का कार्यक्रम आयोजित हुआ।समिति की ओर से आभार प्रदर्शन सुभाष गुप्ता ने किया। गया तो समस्त अधिवेशन के समस्त कार्यक्रम चार सत्रों में संपन्न हुई जिसमें प्रथम सत्र प्रात: 9:00 से प्रारंभ हुआ जिसमें भारतीय ज्ञान परंपरा व विश्व बोध विषय पर सारगर्भित चर्चा की गई। शाम 7.00 बजे वन्दे मातरम राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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