20 साल की परंपरा बरकरार: अमान अंसारी फाउंडेशन व मुस्लिम विकास संघ ने जेल में रोजेदारों के साथ किया इफ्तार

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बिलासपुर। पवित्र माहे रमज़ान के अवसर पर इंसानियत, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का संदेश देते हुए छत्तीसगढ़ मुस्लिम विकास संघ एवं समाजसेवी संस्था अमान अंसारी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में केंद्रीय आदर्श जिला जेल बिलासपुर में रोज़ा इफ्तार का आयोजन किया गया। इस दौरान जेल में बंद रोजेदार बंदियों ने सामूहिक रूप से इफ्तार कर दुआएं मांगी।जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ मुस्लिम विकास संघ द्वारा पिछले लगभग 20 वर्षों से लगातार हर वर्ष सेंट्रल जेल बिलासपुर में रोज़ा इफ्तार का आयोजन किया जाता रहा है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी अमान अंसारी फाउंडेशन के सहयोग से यह आयोजन संपन्न हुआ, जो मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक जिम्मेदारी की एक प्रेरणादायक मिसाल बन गया।इफ्तार कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ मुस्लिम विकास संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से संघ के सक्रिय सदस्य शाहिद खान, समाजसेवी अलीम अंसारी, पार्षद इब्राहिम खान, सहित मुस्लिम समाज के कई गणमान्य नागरिकों ने अपनी सहभागिता निभाई। सभी ने रोजेदार बंदियों के साथ बैठकर इफ्तार किया और उन्हें पवित्र माहे रमज़ान की मुबारकबाद देते हुए आपसी भाईचारे और इंसानियत का संदेश दिया।इस अवसर पर समाजसेवी एवं अमान अंसारी फाउंडेशन के प्रतिनिधि अलीम अंसारी ने कहा कि भले ही जेल में बंदी किसी भी कारण से सजा काट रहे हों, लेकिन वे अपने धर्म और आस्था के प्रति पूरी निष्ठा रखते हैं। पवित्र माहे रमज़ान में भी वे रोज़ा रखकर इबादत करते हैं। ऐसे में उनका हौसला बढ़ाने और उन्हें समाज से जोड़ने की भावना से यह इफ्तार कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। उन्होंने कहा कि यह परंपरा आगे भी लगातार जारी रखी जाएगी।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित समाजसेवियों ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और लोगों के बीच मानवीय संवेदनाएं, भाईचारा और सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य यह भी है कि समाज के हर वर्ग तक इंसानियत और सेवा का संदेश पहुंचे

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