गौ माता की दर्द भरी पुकार,अब सुनेगी भारत

*सरकार*…….(प्रकाशनार्थ…रीवा)*27 अप्रैल 2026* को होने वाले *गौमाता सम्मान आव्हान अभियान* में हर सनातनी देगा अपना योगदान…

समाचारभीषण गर्मी को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

से बचाव और उपचार के लिए जारी किए व्यापक दिशा-निर्देश*बिलासपुर 23 अप्रैल/ प्रदेश में बढ़ती गर्मी…

अजीत कुकरेजा ने ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष को दी धमकी,

पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा ने कहा वो खुद किसी पद पर नहीं है और….।रायपुर : अक्टूबर…

अध्यक्ष सुषमा जेठानी पहुंची झूलेलाल मंदिर (संत सांई लाल दास जी से लिया आशीर्वाद) बिलासपुर / चक्करभाटा :- छत्तीसगढ़ सिंधी अकादमी की नई अध्यक्ष श्रीमती सुषमा जेठानी पहुंची सिंधु अमर धाम आश्रम झूलेलाल मंदिर चकरभाटा, अध्यक्ष बनने के बाद प्रथम बार आगमन हुआ वह भगवान झूलेलाल जी के मंदिर में पहुंचकर माथा टेका पूजा अर्चना की व संत सांई लाल दास जी से आशीर्वाद लिया सांई जी ने आशीर्वाद दिया वह उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी समाजीक वह धर्म संस्कृति अपनी बोली भाषा को बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक कार्यक्रम छोटे से छोटे शहरों में भी आयोजित हो वह अकादमी के माध्यम से लोगों को जागृत भी किया जाए समाज में एकता प्रेम भाईचारा बना रहे हैं ऐसे भी कार्यक्रम का आयोजन किया जाए सुषमा जेठानी ने सांई जी से आशीर्वाद लिया और संतों के मार्गदर्शन में समाज के बड़े बुजुर्गों के साथ वह सभी महिला युवाओं भाइयों और पंचायत को सहयोग से ही अकादमी समाज हित के कार्यक्रम को आयोजित करेगी वह अधिक से अधिक फायदा समाज के प्रत्येक व्यक्ति को मिले इसके लिए भी कार्य योजना बनाएंगेईस अवसर पर सांई जी ने सुषमा जी का छाल ओढाकर, श्री फल देकर सम्मान किया आशीर्वाद दियाइस अवसर पर पूज्य सिंधी रियासती पंचायत के अध्यक्ष मनोहर लाल मलघानी, नगर पालिका बोदरी के पार्षद समाजसेवी विजय भारायपुर शदाणी दरबार के सेवादारी नंदलाल सेटिया, चक्करभाटा के पूज्य सिंधी पंचायत के वरिष्ठ सदस्य समाजसेवी बल्लू आडवाणी व अन्य भक्तजन उपस्थित थे

छत्तीसगढ़ अकादमी की अध्यक्ष बनी सुषमा जेठानीरायपुर/भीलाई :- जैसा की बहुत समय से

सिंधी समाज को इंतजार था कि छत्तीसगढ़ सिंधी साहित्य अकादमी का पद कब भरा जा रहा…

🚨 प्रेस कांफ्रेंस समाचार

बक्सर राजपूत क्षत्रिय समाज छत्तीसगढ़ में भेदभाव और मनमानी का आरोप, सदस्यों ने न्याय की लगाई…

नारी शक्ति वंदन अधिनियम2023 के समर्थन में

नारी शक्ति वंदन अधिनियम2023 के समर्थन म गैरराजनितिक नेत्रियों द्वारा प्रेस वार्ता कर महिलाओं से समर्थन…

*चोरी के जेवर खपाने का सुरक्षित अड्डा बने बैंक

: छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन ने जताई चिंता, गोल्ड लोन के नियमों को कड़ा करने की मांग**सावधान!…

मुस्कुराता चेहरा और सहनशीलता हो व्यक्तित्व की पहचान- ब्रह्माकुमारी मंजू दीदी

सुशील जी का जीवन संतुलन, संयम और सेवा का जीवंत उदाहरण – रुपनारायण सिन्हा, अध्यक्ष छग…

*छत्तीसगढ़ की धरती के कण-कण में बसे हैं भगवान श्रीराम : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*रायपुर 6 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के कुनकुरी के सालियाटोली में आयोजित भव्य संगीतमय श्रीराम कथा महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन और चरित्र का उल्लेख करते हुए उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करने का संदेश दिया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस पावन अवसर पर व्यासपीठ पर विराजमान परम पूज्य संत श्री चिन्मयानंद बापूजी को सादर नमन करते हुए कहा कि आज कुनकुरी की यह पावन धरा धन्य हो गई है। उन्होंने कहा कि सालियाटोली का यह स्टेडियम श्रीराम कथा के रसपान से साक्षात श्रीराम का धाम बन गया है और चारों ओर ‘जय श्रीराम’ की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो उठा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम का छत्तीसगढ़ से अत्यंत गहरा संबंध है। यह माता कौशल्या की पावन धरती है और भगवान श्रीराम का ननिहाल है, जहाँ वे भांजे के रूप में घर-घर में पूजे जाते हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि भगवान श्रीराम ने अपने 14 वर्ष के वनवास का अधिकांश समय दंडकारण्य क्षेत्र एवं छत्तीसगढ़ के जंगलों में बिताया, जिससे यहाँ के कण-कण में राम की उपस्थिति अनुभव होती है। वनवास काल से जुड़े सीता रसोई जैसे अनेक पवित्र स्थल आज भी इस भूमि की आध्यात्मिक विरासत के साक्षी हैं।उन्होंने कहा कि यह हम सभी का सौभाग्य है कि हम उस कालखंड में जीवन जी रहे हैं, जब अयोध्या में भगवान श्रीराम की पुनः प्रतिष्ठा हुई है। श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा ने पूरे भारत को विश्व पटल पर गौरवान्वित किया है, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दृढ़ संकल्प से संभव हो सका है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने यह संकल्प लिया था कि प्रभु श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को श्रीरामलला के दर्शन कराए जाएंगे। इसी भावना के अनुरूप राज्य सरकार ने गठन के साथ ही श्री रामलला दर्शन योजना प्रारंभ की, जिसके माध्यम से अब तक लगभग 42 हजार श्रद्धालु अयोध्या धाम में भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान श्रीराम भारतीय जनमानस के कण-कण में विराजमान हैं। जांजगीर क्षेत्र में रामभक्ति का विशेष स्वरूप देखने को मिलता है, जहाँ रामनामी समुदाय के लोग अपने रोम-रोम में राम का नाम बसाए हुए हैं और अपनी आस्था के प्रतीक स्वरूप अपने शरीर पर ‘राम-राम’ का गोदना अंकित कराते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीरामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए भगवान राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ से 300 मीट्रिक टन सुगंधित चावल और 100 टन से अधिक हरी सब्जियां अयोध्या भेजी गई थीं। यह विशेष भोग ननिहाल के प्रेम और 500 वर्षों के संघर्ष के पश्चात प्रभु की स्थापना के उपलक्ष्य में समर्पित किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ से गई डॉक्टरों की टीम एवं मेडिकल स्टाफ ने अयोध्या में रामभक्तों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने अवैध धर्मांतरण को रोकने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया है, जिसके सख्त प्रावधानों के माध्यम से इस पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।इस अवसर पर नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, श्रीमती संयोगिता सिंह जूदेव, श्री सुनील गुप्ता, श्री उपेंद्र यादव, श्री सुनील अग्रवाल, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।*2 अप्रैल से प्रारंभ हुई श्रीराम कथा की भक्तिधारा 8 अप्रैल तक रहेगी प्रवाहित*परम पूजनीय संत चिन्मयानंद बापूजी के श्रीमुख से 2 अप्रैल से प्रारंभ हुई श्रीराम कथा की पावन भक्तिधारा 8 अप्रैल तक निरंतर प्रवाहित होती रहेगी। इस दिव्य आयोजन में दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँचकर कथा का रसपान कर रहे हैं। श्रीराम कथा महोत्सव के आयोजन से कुनकुरी सहित आसपास के समूचे क्षेत्र में गहरा धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया है। श्रद्धालुजन अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भक्तिभाव के साथ कथा श्रवण कर प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प ले रहे हैं।