सिंधी कॉलोनी स्थित धन गुरु नानक डेरा संत बाबा थाहिरिया सिंह दरबार में प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी आयोजित इच्छा पूरक 40 दिवसीय 5 श्री जपजी साहिब के अखंड पाठ का श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ भव्य समापन संपन्न हुआ। इस धार्मिक आयोजन का शुभारंभ 17 अप्रैल से हुआ था, जो निरंतर 40 दिनों तक 24 घंटे अखंड रूप से चलता रहा। इसका समापन 29 मई को कल्याण दरबार से पधारे भाई साहब श्री जसकीरत सिंह जी द्वारा किया गया।इस दौरान पांच श्री जपजी साहिब का अखंड पाठ दिन-रात निरंतर चलता रहा, जिसमें शहर सहित


आसपास के अनेक श्रद्धालुजन बड़ी श्रद्धा एवं आस्था के साथ सेवा में जुड़े रहे। प्रतिदिन प्रातः 5 बजे समस्त संगत द्वारा सुखमनी साहिब पाठ भी किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।आयोजन के दौरान कल्याण दरबार के प्रमुख भाई साहब जसकीरत सिंह जी ने विश्व शांति एवं मानव कल्याण के लिए विशेष अरदास की। वहीं शिमला से पधारे भाई साहब गुरप्रीत सिंह जी ने सत्संग एवं कीर्तन कर संगत को निहाल किया। नवसारी (गुजरात) से आए भाई साहब सन्नी मूलचंदानी ने भी अपने मधुर सत्संग-कीर्तन से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद प्रदान किया। इस अवसर पर गुरु का दिव्य दीवान भी सजाया गया।इस 40 दिवसीय धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सपरिवार शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित किया।

कल्याण दरबार से भाई साहब त्रिलोचन सिंह जी भी दर्शन एवं आशीर्वाद हेतु विशेष रूप से उपस्थित रहे।कार्यक्रम को सफल बनाने में दरबार के अनेक सेवादारों एवं श्रद्धालुओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आयोजन में भाई साहब मूलचंद नारवानी,सोनू लालचंदानी ,पूर्व पार्षद सुरेश वाधवानी, बलबीर सिंह,बबल भाई साहब , प्रकाश जज्ञासी ,नानक पंजवानी, राजकुमार कलवानी, दिलीप जगमलनी,राजू धामेचा, जगदीश सुखीजा, नरेश मेहरचदानी , रमेश नारवानी,भोजराज नारवानी, मेघराज नारा, अशोक जज्ञासी , गंगाराम सुखीजा,जगदीश जज्ञासी, विष्णु धनवानी, सुरेश माधवानी, मुरली कुकरेजा, नंदलाल पोपटानी ,अशोक मतलानी, विकास बजाज, सुमित, रोशन, साहिल,अनीता नारवानी, वार्ड पार्षद श्रीमती कंचन वाधवानी,पलक हरजपाल, कंचन रोहरा, सोनिया कलवानी,ज्योति हिंदूजा,पलक माखीजा, राखी ईदनानी, वर्षा सुखीजा, कशिश जेसवानी, स्नेहा पमनानी,सोनिया कलवानी, मनन ,डॉक्टर सोनम , अक्षय ,नीलम लालवानी, दीपक लालवानी,बलराम रामानी , राहुल पमनानी ,अविनाश हिंदूजा एवं अनेक सेवादारी बड़ी संख्या में सक्रिय रूप से सेवा में जुटे रहे।पूरे आयोजन के दौरान दरबार परिसर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।