उदासीन राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय धर्म प्रचारक विश्व सनातन परिषद…..हर घर , हर बस्ती , हर गाँव , हर शहर में जब तक सनातनियों के द्वारा सनातन धर्म का अलख नहीं जगाया जाएगा तब तक सनातन धर्म की ध्वजा पूरे विश्व में फ़ैहरना ना मुमकिन … जब – जब धर्म कि हानि हुई है तब – तब ईश्वर को अवतार लेना पड़ा है ! दुनिया का सबसे प्राचीन धर्म

सनातन धर्म है यह अनादि धर्म है , जो लाखों – करोड़ों सालो से चला आ रहा है ! धीरे – धीरे सनातन धर्म को हिस्सो में , पंथो में बाटा जा रहा है, जिससे हमारे सनातन धर्म को हानि हो रही है ! लोग बटते जा रहे है , जिससे सनातन धर्म और सनातनी सभ्यता धीरे – धीरे कम होती नज़र आ रही है ! हर शहर , हर गाँव , हर घर से सनातनी विचार धारा कम हो रही है !**सनातन धर्म * भारत राष्ट्र की प्राचीन संस्कृति सिंधु घाटी सभ्यता की अनमोल धरोहर है जिसमें सनातन धर्म की रक्षा के लिए हम प्राणार्पण के लिए सदैव तत्पर हैं,…*हमारा उद्देश्य राष्ट्र में गौ, गंगा, गीता,गायत्री एवं गुरूज्ञान* का अक्षुण्ण प्रभाव पुनः स्थापित करना है, ताकि भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने के आव्हान यज्ञ में जन जन की आहुति के लिए चेतना जागृति की जा सके,….*साईं बलरामदास गुरूजी उदासी* विश्व सनातन परिषद के संगठन मंत्री श्री दीपक पांडे जी ने आहवन किया है ! राष्ट्र के सभी संत , महापुरुष एवं राष्ट्र में सभी सामाजिक संस्थाओं के सभी हिंदू सनातन धर्म के अनुयायी हमारे विश्व सनातन परिषद से जुड़े ,ताकि राष्ट्र के जन – जन को इस पावन यज्ञ में आहुति अर्पित कराई जाये!उपक़्त सम्पूर्ण रिपोर्ट सह सचिव श्री लेखराज मोटवानी विश्व सनातन परिषद द्वारा दी गई !