मजदूर विरोधी श्रम कोड वापस लो। मोदी सरकार होश मे आओ

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केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के जॉइंट प्लेटफॉर्म पर अखिल भारतीय आम देशव्यापी हड़ताल/भारत बंद आयोजित किया गया था
यह हड़ताल केंद्र सरकार की श्रम विरोधी एवं आर्थिक नीतियों के विरोध में घोषित की गई है। वर्तमान लेबर कोड के माध्यम से मजदूरों की नौकरी की सुरक्षा कमजोर की गई है तथा कानूनी सुरक्षा उपायों को सीमित किया गया है, जिससे मजदूर वर्ग के अधिकारों और हितों पर सीधा प्रहार है मजदूरों के न्याय,सम्मान एवं उनके आर्थिक अधिकारों की रक्षा हेतु
केंद्रीय ट्रेड यूनियन द्वारा श्रम कोड को मजदूर विरोधी कानून बताया गया एवं आने वाले समय मे मजदूरों पर पड़ने वाली असर को बताया गया
1)कार्य के घंटे 12 तक बढ़ बढ़ेगे
2)न्योनतम वेतन ,बोनस और ग्रेच्यूटी पर हमला
3) स्थाई नौकरी समाप्त
4)ठेका और अस्थाई व फिक्स टर्म लागु ,छुट्टी आसान नही होगा
5) हड़ताल के अधिकार पर पाबंदी
6) यूनियन बनाने और मान्यता मे बाघाये
7) समाजिक सुरक्छा कमजोर : इएस आई
8)पी.एफ.की कोई गारंटी नही
9)मजदूरों की नौकरी पर सीधा प्रहार
10)छटनी और ताला बंदी आसान


आज के समय समय मे मजदूरों को उनके जिने लायक 35 हजार तक मासिक वेतन दिया जाय जिससे मजदूरों की जीवन इसतर सुधार सके।
इंटक युनियन जिंदाबाद
मजदूर एकता जिन्दाबाद
दिनांक 12 फरवरी 2026 के भारत बंद को राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस ट्रेड यूनियन (इंटक) अंबुजा अडानी सीमेंट प्लांट रवान मुख्य गेट मे आम सभा कर भारत बंद को समर्थन किया गया देश भर मे सभी विपक्छी दलों से मजदूर संघटन को समर्थन मिल रहा है बलोदा बाज़ार मजदूर संघंटन को कॉग्रेस पार्टी का मिला समर्थन प्रमुख रूप से उपस्थित पूर्व पाठय् निगम मंडल अध्यक्ष, एवं पूर्व विधायक प्रत्यासी ब.ब.शैलेश नितिन त्रिवेदी, ब.ब.ब्लाक शहर अध्यक्छ प्रवीण सेन,ग्रामीण अध्यक्छ दीपक साहू,
इंटक युनियन उपअध्यक्ष चेतेन्द्र चीनू वर्मा ,महा सचिव -राधेश्याम भतपहरे,संरक्छक थानवार वर्मा, कोसा अध्यक्छ – टाकेश्वर साहू,एवं इंटक युनियन के सभी सदस्य उपस्थित रहे

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