होली की मिठास: सिंधी कॉलोनी में मात्र ₹160 किलो में मिल रहा पारंपरिक सिंधी घिहर, 15 वर्षों से कायम स्वाद और विश्वास

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होली की मिठास: सिंधी कॉलोनी में मात्र ₹160 किलो में मिल रहा पारंपरिक सिंधी घिहर, 15 वर्षों से कायम स्वाद और विश्वास

बिलासपुर। रंगों और खुशियों का प्रतीक होली पर्व नजदीक आते ही शहर के बाजारों में मिठाइयों की रौनक बढ़ गई है। हर घर में पारंपरिक व्यंजन बनने लगे हैं, वहीं सिंधी समाज के लिए होली का विशेष आकर्षण ‘सिंधी घिहर’ होता है। इसी परंपरा को जीवित रखते हुए चक्करभाटा निवासी दीपक वाधवानी और हरीश इदवानी द्वारा सिंधी कॉलोनी स्थित विक्की साइकिल स्टोर के पास विगत 15 वर्षों से विशेष सिंधी घिहर की दुकान लगाई जा रही है।इस वर्ष भी होली से लगभग 15 दिन पूर्व दुकान प्रारंभ की गई है, जहां ताजा और स्वादिष्ट सिंधी घिहर मात्र ₹160 प्रति किलो की किफायती दर पर उपलब्ध है। इसके अलावा ग्राहकों के लिए मीठा समोसा ₹280 प्रति किलो, मीठी गुजिया ₹320 प्रति किलो, खस्ता नमकीन सलोनी ₹180 प्रति किलो और गुजराती मिक्सचर ₹160 प्रति किलो में उपलब्ध कराया जा रहा है।दुकान संचालक हरीश वाधवानी ने बताया कि वे पिछले 15 वर्षों से बिलासपुर आकर होली के अवसर पर यह विशेष दुकान लगाते हैं। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा तैयार किया गया सिंधी घिहर न केवल बिलासपुर, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में प्रसिद्ध है। कई ग्राहक पहले से ही इसकी अग्रिम बुकिंग कराते हैं, विशेष रूप से बाहर भेजने के लिए इसकी मांग अधिक रहती है।उन्होंने कहा कि ग्राहकों को ताजा, स्वादिष्ट और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। यही कारण है कि वर्षों से लोगों का भरोसा और विश्वास बना हुआ है। इस बार भी कीमतों में अधिक बढ़ोतरी नहीं की गई है, जिससे अधिक से अधिक लोग इस पारंपरिक मिठाई का आनंद ले सकें।होली के अवसर पर सिंधी समाज में घिहर का विशेष महत्व होता है। बड़ी संख्या में लोग इसे खरीदकर अपने परिवार, रिश्तेदारों और बहनों को भेजते हैं। सिंधी घिहर की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी मांग अब छत्तीसगढ़ के साथ-साथ मध्यप्रदेश, ओडिशा और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंच गई है।संचालकों ने शहरवासियों से अपील की है कि वे सिंधी कॉलोनी स्थित उनकी दुकान पर आकर पारंपरिक सिंधी घिहर का स्वाद अवश्य लें और होली की मिठास को और खास बनाएं।

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