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*प्रभु दर्शन भवन में बीके गायत्री दीदी ने बच्चों को दी सीख — मोबाइल से भी ग्रहण होता है ‘दूषित विचारों का भोजन’* * ‘उड़ान’ शिविर में बच्चों को दिए श्रेष्ठ संस्कार * मोबाइल की लत से बचने का संदेश, दूषित विचार कर रहे बुद्धि को खराब* मोबाइल एडिक्शन से जीवन में अकेलापन,

चिड़चिड़ापन और आलस्य आ जाता है…* ब्रह्मा बाबा के जीवन चरित्र से दया, विनम्रता और सेवाभाव की दी प्रेरणा **बिलासपुर।** टिकरापारा स्थित ब्रह्माकुमारीज़ के *प्रभु दर्शन भवन* में चल रहे ‘उड़ान’ बाल संस्कार शिविर में बच्चों को मोबाइल के दुष्प्रभावों से बचने, योग अपनाने और श्रेष्ठ संस्कारों से जीवन को सुंदर बनाने की प्रेरणा दी गई।मुख्य

वक्ता बीके गायत्री दीदी ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आज मोबाइल बच्चों की एकाग्रता, याददाश्त और सोचने की क्षमता को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने बच्चों को समझाया कि जैसे हम मुख से भोजन ग्रहण करते हैं, वैसे ही आंखों के माध्यम से भी विचार ग्रहण करते हैं। इसलिए बच्चों को मोबाइल पर सकारात्मक और उपयोगी सामग्री ही देखनी चाहिए।उन्होंने कहा कि मोबाइल का अत्यधिक उपयोग बच्चों को धीरे-धीरे अकेलापन, चिड़चिड़ापन और आलस्य की ओर ले जाता है। कई बार बच्चे खेल, पढ़ाई और परिवार के साथ समय बिताने के बजाय घंटों मोबाइल में खोए रहते हैं, जिससे उनका मानसिक और शारीरिक विकास प्रभावित होता है। दीदी ने बच्चों *को प्रतिदिन योग, ध्यान, पुस्तक पढ़ने और रचनात्मक गतिविधियों के लिए समय निकालने की प्रेरणा दी।* शिविर में बच्चों को कपालभाति, अनुलोम-विलोम, वज्रासन, मंडूकासन और उज्जायी प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। योग के माध्यम से स्वस्थ शरीर और शांत मन का संदेश दिया गया।‘लखी बाबू’ से ब्रह्मा बाबा बनने तक की प्रेरक यात्रा ने बच्चों को किया प्रेरित- *दया, विनम्रता और सेवा भाव को जीवन में अपनाने का दिया संदेश* शिविर में संस्था के संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा के प्रेरणादायी जीवन प्रसंग भी सुनाए गए। बच्चों को बताया गया कि बचपन में ‘लखी बाबू’ के नाम से प्रसिद्ध दादा लेखराज बचपन से ही दयालु, विनम्र और सेवा भावना से परिपूर्ण थे। गरीबों की सहायता और सभी के प्रति सम्मान भाव रखने के कारण वे सबके प्रिय थे।बच्चों को प्रेरित किया गया कि वे भी ब्रह्मा बाबा की तरह निरहंकारी, दयालु और संस्कारी बनें। शिविर में बच्चों ने रामकथा, गीता श्लोक और देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति देकर वातावरण को उत्साहपूर्ण बना दिया।कार्यक्रम के अंत में बच्चों को मदर्स डे पर अपनी माता के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का संकल्प दिलाया गया। समापन राजयोग ध्यान और शांति संदेश के साथ हुआ। आज के सत्र में बहन ममता सगदेव, गौरी बहन, राकेश भाई, संदीप भाई, लक्ष्मी बहन और संदीप भाई का सहयोग रहा।**मीडिया प्रभाग****ब्रह्माकुमारीज़, बिलासपुर**

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